सावन की रिमझिम फुहार | प्रेरक हिंदी कविता
- अर्चना श्रीवास्तव

- 2 दिन पहले
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सावन की रिमझिम फुहार
सावन की रिमझिम फुहार,
अमलतास के पीले फूल।
इस रंग बदलती दुनिया में,
अपना रंग सँभाले ये फूल।
इस संवेदनहीन दुनिया में,
अपनी कोमलता सहेजे ये फूल।
इस नफ़रत से भरी दुनिया में,
अपनी खुशबू बिखेरते ये फूल।
इस दुनिया में बढ़ती दिलों की दूरियों के बीच,
अपनी शाखाओं पर एकजुटता का संदेश देते ये फूल।
धूप की तपिश हो या सावन की फुहार,
हर मौसम को अपनाते ये फूल।
गिरकर भी मिट्टी को महकाते हैं,
जीवन का सच्चा अर्थ सिखाते ये फूल।
काश! इंसान भी इनसे कुछ सीख पाता-
अपने मन की कोमलता को बचाए रखना,
नफ़रत के बीच भी प्रेम की खुशबू फैलाना,
और बिखरती दुनिया में
एकता के रंग खिलाना।
सावन की रिमझिम फुहार में
अमलतास के पीले फूल
आज भी चुपचाप यही कहते हैं-
"समय चाहे जितना बदल जाए,
अपने स्वभाव की सुंदरता कभी मत खोना।"



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