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नई शुरुआत की सुहानी शाम

  • लेखक की तस्वीर: अर्चना श्रीवास्तव
    अर्चना श्रीवास्तव
  • 31 दिस॰ 2025
  • 1 मिनट पठन

आंखों के स्तर से शाम की हरियाली और शमां का दृश्य
शाम की हरियाली और शमां का नजारा

ये शमां कुछ यूं सुहावनी हुई,

लग रहा,अरमान फिर

जवां होने लगे ।

हर तरफ हरियाली

नज़र आने लगी,

लग रहा,हसरतों ने

फिर करवट बदली ।

यूं बेवक्त हम मुस्कराने लगे,

लग रहा, सपने फिर,

अंगड़ाई लेने लगे ।

ये शाम इतनी हसीं हुई,

लग रहा उमंगों ने,

अपने पंख खोल दिए।

यूं विचार उड़ान भरने लगे,

लग रहा,नई राह पर

कदम हम बढ़ाने लगे ।

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