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यहीं ठहर जा

  • लेखक की तस्वीर: अर्चना श्रीवास्तव
    अर्चना श्रीवास्तव
  • 15 फ़र॰ 2025
  • 1 मिनट पठन
A vibrant yellow flower field stretches under a tranquil blue sky, evoking peace and freedom.
एक जीवंत पीले फूलों का मैदान शांत नीले आकाश के नीचे फैला हुआ है, जो शांति और स्वतंत्रता की भावना जगाता है।

ऊपर खुला आसमान,

मुक्त भाव में उड़ते पक्षी,

सामने मीलों फैली हरियाली

ये मन कहता है- यहीं ठहर जा।


सामने बबूल का पेड़,

उस पर फैले पीले फूल,

छत की मुंडेर पर बैठी

गौरैया और मैना का झुंड

ये मन कहता है यहीं ठहर जा।


शोरगुल और भागमभाग से दूर

सुकून से भरा बीतता वक्त,

सुबह सूरज की पहली किरण,

शाम को सूरज की लालिमा

फैल जाती है खुले छत पर

ये मन कहता है यहीं ठहर जा ।

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