शून्य
- अर्चना श्रीवास्तव
- 1 अग॰
- 1 मिनट पठन

विचारों से शून्यता का सफर ,
आसान नही है ।
इस उठते हुए वेग को रोकना,
आसान नही है ।
स्वयं से स्वयं को जानना ,
आसान नही है ।
एक बिन्दु पर ठहर जाना,
आसान नही है ।
मन मे फैले अंधकार को मिटाना,
आसान नही है ।
बाहर और अंदर उठते शोर को रोकना,
आसान नही है ।
आत्मिक सुकून को पाना ,
आसान नही है ।
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