कवि केशव मोहन पाण्डे का काव्य संग्रह "मैं रोज सपने बुनता हूं" हिंदी साहित्य की एक उल्लेखनीय कृति है। इसमें व्यक्तिगत से लेकर सामाजिक संवेदनाओं तक का गहरा चित्रण है। कवि की सरल भाषा में गूढ़ अभिव्यक्ति और सामाजिक यथार्थ का कलात्मक प्रस्तुतीकरण इस संग्रह को विशेष बनाता है।