top of page
इहिताकृति
अर्चना श्रीवास्तव
All Posts
कविता
समीक्षा
खोज करे
धर्म
"एक हो ईश्वर तुम, एक ही आकार हो" - अर्चना श्रीवास्तव जी की यह मार्मिक कविता धार्मिक एकता का संदेश देती है। जानिए कैसे मजहब ने हमें बाँटा है और कैसे हम सभी एक ही परमपिता की संतान हैं।
अर्चना श्रीवास्तव
1 अग॰ 2025
1 मिनट पठन
Join our Literary Community
Enter your email here
Subscribe Now
Stay Informed
bottom of page